इंदौर से महापौर पद के लिए बीजेपी प्रत्याशी पुष्यमित्र भार्गव जीत के कुछ ही मिनटों करीब

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इंदौर के नवनिर्वाचित महापौर भाजपा के पुष्यमित्र भार्गव ने बहुत कम उम्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। वह मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के सबसे कम उम्र के अतिरिक्त महाधिवक्ता चुने गए थे। वह करीब एक साल से इस पद पर थे। महापौर पद के लिए चुने जाने के बाद उन्होंने सबसे पहले पद से इस्तीफा दिया। उनके आने के बाद से ही कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी संजय शुक्ला को कड़ी टक्कर मिलने की संभावना जताई जा रही थी। वह राम जन्मभूमि न्यास ट्रस्ट के अध्यक्ष देश के महान संत नृत्य गोपाल दास महाराज के शिष्य हैं। पुष्यमित्र भार्गव बड़ी जीत की ओर बढ़ रहे हैं।

एक जनवरी 1982 को जन्मे पुष्यमित्र के पिता डॉ. राजेंद्र शर्मा डॉक्टर हैं, जबकि मां निर्मला शर्मा सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं। उनकी पत्नी जूही भार्गव भी वकील हैं। भाई डॉ. सर्वमित्र भार्गव एमडी हैं। 40 वर्षीय पुष्यमित्र भार्गव ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय स्कूल ऑफ लॉ, इंदौर से बैचलर ऑफ लॉ, बीए एलएलबी ऑनर्स में पांच साल का डिग्री कोर्स किया है। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, स्कूल ऑफ लॉ इंदौर से बिजनेस लॉ में एलएलएम किया है। इसके बाद उन्होंने यहां से एलए में एम फिल किया है। इसके अलावा उन्होंने गवर्नमेंट लॉ कॉलेज मुंबई (एशियन स्कूल ऑफ साइबर लॉ) से साइबर लॉ में डिप्लोमा के साथ ही इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में सर्टिफिकेट कोर्स किया है।

उन्होंने वर्ष 2003 से 2004 तक मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में वरिष्ठ अधिवक्ता पीयूष माथुर (पूर्व न्यायाधीश, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय) के साथ प्रशिक्षु अधिवक्ता के रूप में काम किया। उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में सबसे कम उम्र के उप महाधिवक्ता के रूप में जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। कोर्ट, इंदौर डिवीजन बेंच वर्ष 2015-2018 से। 6 जून, 2020 से पुष्यमित्र भार्गव मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, इंदौर डिवीजन बेंच में सबसे कम उम्र के अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश और उत्तर पूर्व के कई दूरदराज के गांवों में कानूनी साक्षरता शिविरों का भी कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया है।….naidunia

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