सदन में बोले देवेंद्र फडणवीस- हां, ‘ED’ की वजह से महाराष्ट्र में बनी सरकार

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महाराष्ट्र विधानसभा में विश्वास मत जीतने के बाद डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने महाविकास अघाड़ी गठबंधन पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि विधानसभा में वोटिंग के दौरान ED-ED (प्रवर्तन निदेशालय) के नारे लगाये जा रहे थे. विधानसभा में देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘हां महाराष्ट्र में ईडी की मदद से सरकार बनी है. इसमें E मतलब Eknath Shinde और D मतलब Devendra Fadnavis है.’ बता दें कि एकनाथ शिंदे सरकार ने आज महाराष्ट्र में विश्वास मत जीत लिया. उनके समर्थन में 164 वोट पड़े. वहीं शिंदे के विरोध में 99 वोट पड़े. महाराष्ट्र विधानसभा में विश्वास मत पर वोटिंग के दौरान कुछ हंगामा हुआ था. यहां जब विधायक प्रताप सरनायक ने शिंदे सरकार के सपोर्ट में वोट किया तब उद्धव गुट ने ED-ED के नारे लगाये थे. इसी पर देवेंद्र फडणवीस ने पलटवार किया.

महाराष्ट्र उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यह भी बोले कि मैंने कहा था कि मैं वापस आऊंगा, लेकिन जब मैंने ऐसा कहा तो कई लोगों ने मेरा मजाक उड़ाया. मैं आज वापस आया हूं और उन्हें (एकनाथ शिंदे) अपने साथ लाया हूं. मैं उन लोगों से बदला नहीं लूंगा जिन्होंने मेरा मजाक उड़ाया.

देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि 2019 में उनके गठबंधन को सरकार बनाने का नंबर मिला था. लेकिन उनको सत्ता से दूर रखा गया. लेकिन अब एकनाथ शिंदे के साथ हमने दोबारा शिवसेना के साथ सरकार बनाई है. एक सच्चे शिवसैनिक को सीएम बनाया गया है. पार्टी कमांड के कहने पर मैंने डिप्टी सीएम का पद संभाला है.

शिंदे कैंप में जुड़े दो विधायक, दो बागी हुए खिलाफ
शिंदे कैंप के लिए आज विधानसभा में बहुमत परीक्षण कुछ नई चीजें भी लेकर आया. शिवसेना विधायक संतोष बांगड़ ने शिंदे सरकार के समर्थन में वोट किया. वह कल तक उद्धव खेमे में थे, स्पीकर के चुनाव में भी उन्होंने शिंदे खेमे के उम्मीदवार के खिलाफ वोट डाला था.

इसी के साथ Peasants and Workers Party of India के श्याम सुंदर शिंदे ने भी एकनाथ शिंदे सरकार के पक्ष में वोट किया. जानकारी के मुताबिक, दो विधायक (राहुल पाटिल, कैलाश पाटिल) ऐसे भी थे जो अबतक शिंदे के साथ थे. वे गुवाहाटी के होटल में शिंदे कैंप का हिस्सा थे. लेकिन अब फ्लोर टेस्ट के दौरान उन्होंने फिर पाला बदल लिया. अब उन्होंने शिंदे सरकार के खिलाफ यानी उद्धव के समर्थन में वोट डाला.

वोट नहीं डाल पाये पांच विधायक
विपक्ष के वोट इसलिए भी कम हुए क्योंकि कुछ वोट डाल नहीं पाये, वहीं कुछ ने जानबूझकर इससे दूरी बनाई. विपक्ष के पांच विधायक वोट नहीं डाल पाये. इसमें कांग्रेस के अशोक चव्हाण, विजय वडेट्टीवार और NCP के अन्ना बंसोडे, संग्राम जगताप शामिल हैं. ये चारों लेट हो गये थे. फिर इनको सदन के अंदर नहीं जाने दिया गया.

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं. इसमें से कुल 263 वोट पड़े. यानी 25 वोट नहीं डाले गये. इसमें से 3 ने जानबूझकर वोटिंग से परहेज किया. वहीं दो (नवाब मलिक, अनिल देशमुख) जेल में हैं. इसके अलावा AIMIM  विधायक शाह तारिख अनवर ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया.

जिन तीन विधायकों ने जान बूझकर वोट नहीं डाला उसमें समाजवादी पार्टी के सांसद अबु आजमी, रईस शेख शामिल हैं. वहीं शिवसेना के एक विधायक का पहले ही निधन हो गया था. तो उनका वोट भी खाली गया….aajtak

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