Indian Money Heist: ऑनलाइन सीखकर पेपर पर छाप डाले 500-2000 नोट के 2.74 करोड़ रुपए

WhatsApp Image 2022-07-25 at 1.15.32 PM
Share

नेटफ्लिक्स की हिट सीरीज़ ‘मनी हाइस्ट’ की कहानी तो आप सभी को पता होगी, जहां कुछ चोरों की टीम मिलकर मुखौटा पहनकर स्पेन के शाही ‘रॉयल मिंट ऑफ स्पेन’ में € 2.4 बिलियन के नोट प्रिंट करने और भागने की योजना बनाते है। खैर यह तो एक कहानी है। लेकिन हाल ही में राजस्थान के बीकानेर से भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। राजस्थान के बीकानेर में पुलिस ने नकली नोट छापने की मशीन बरामद की हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस हैरान तब हुई जब उनके सामने 2 करोड़ 74 लाख की रकम के नकली नोट पड़े थे। 500-2000 के यह नोट किसी बड़ी मशीन से नहीं, बल्कि सामान्य इंक जेट प्रिंटर से छापे जा रहे थे।

पुलिस के अनुसार, नकली नोट छापने की फैक्ट्री पिछले एक साल से चल रही है। यहां 2 करोड़ 74 लाख की रकम के नोट सामान्य इंक जेट प्रिंटर से सामान्य कागज पर छापे जा रहे थे। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि ग्रुप ने ऑनलाइन ट्रेनिंग लेकर एक सॉफ्टवेयर के माध्यम से नकली नोट छापने का काम सीखा। अब पुलिस इस सॉफ्टवेयर का पता लगाने में जुटी है।

IG ओम प्रकाश पासवान ने बताया कि सुरपुरा निवासी चंपालाल उर्फ नवीन नकली नोट छापने के गिरोह को मास्टर मांइड है। उसी ने छपाई के सारे सामान की तैयारी की थी। वृंदावन एन्क्लेव स्थित एक मकान में इंक जेट प्रिंटर से ये काम हो रहा था। मुखबीर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने शनिवार देर रात (23 जुलाई) बीकानेर शहर की जयनारायण व्यास कालोनी में छापा मारकर छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने रविकांत जाखड़, नरेंद्र शर्मा, मालचंद शर्मा, राकेश शर्मा, चंपालाल शर्मा उर्फ नवीन, पूनमचंद शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दीपक रैगर, केसराराम और एक अन्य को हरियाणा के करनाल में हिरासत में लिया गया है। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दल करनाल पहुंच चुका है। पुलिस ने आरोपियों के सभी बैंक खाते सीज कर दिए हैं,

आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि कागज भी DEO पेपर काम में लिया गया। बाजार में महज पचास पैसे से एक रुपए प्रति A4 साइज का पेपर मिलता है। एक सॉफ्टवेयर के माध्यम से नकली नोट छापने का काम होता था। चंपालाल उर्फ नवीन ने इस सॉफ्टवेयर को चलाने की ऑनलाइन ट्रेनिंग ली थी। गैंग के अन्य सदस्यों को भी वृंदावन एन्क्लेव में स्थित मकान में ट्रेनिंग दी गई थी।

Leave a comment