इंदौर: MGM कॉलेज में रैगिंग करने पर 98 जूनियर्स को नोटिस जारी

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एमजीएम मेडिकल कॉलेज में फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स के साथ हुई रैगिंग के मामले में अब जांच के सारे सूत्र पुलिस के हाथ में हैं। वरिष्ठ अधिकारी इस केस में लगातार अपडेट ले रहे हैं। दो दिन पहले पुलिस टीम कॉलेज पहुंची थी और पूछताछ की थी। इसके साथ ही अन्य बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। कॉलेज ने अब पुलिस को 700 जूनियर डॉक्टर्स की लिस्ट सौंपी है। इसमें से पुलिस ने 98 जूनियर्स को नोटिस जारी किए हैं। इसमें पूछा गया है कि अगर उनके साथ रैगिंग हुई है, तो थाने आकर बयान दर्ज कराएं। ताकि आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जा सके। पुलिस को रैगिंग लेने वाले आठ सीनियर स्टूडेंट्स की तलाश है।

अननेचुरल सेक्स का बनाते थे दबाव
उक्त केस में अहम यह कि रैगिंग ने तो कॉलेज परिसर में हुई है और न ही मेडिकल होस्टल में। पीड़ित स्टूडेंट्स ने शिकायत में बताया था कि सीनियर्स उसे दो-तीन माह से प्रताड़ित कर रहे थे। मुख्य तौर पर उसकी शिकायत थी कि वे हमेशा अलग-अलग फ्लैट में बुलाते थे और अप्राकृतिक कृत्य करने पर दबाव बनाते थे। इसके लिए वे पीड़ित स्टूडेंट को उसके दोस्तों के साथ ऐसा करने को मजबूर करते थे। सीनियर्स पर जूनियर स्टूडेंट्स से उठक-बैठक लगवाने का भी आरोप है।

प्रोफेसर कहते थे, रैगिंग से डेवलप होती है पर्सनालिटी
स्टूडेंट ने यह भी लिखा कि शुरुआत में जब उसने कुछ प्रोफेसरों को शिकायत की तो उन्होंने कहा कि रैगिंग से पर्सनालिटी डेवलप होती है। बहरहाल, पुलिस ने 700 जूनियर्स डॉक्टर्स में से 97 जूनियर्स (डे स्कॉलर्स) को चिन्हित किया और उन्हें नोटिस जारी किए हैं। इसमें बताया गया कि अगर आपके साथ रैगिंग हुई है तो बयान दर्ज कराए ताकि सीनियर्स की पहचान के साथ उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। इसमें गोपनीयता का भी हवाला दिया गया है।

ऑडियो रिकॉर्डिंग, चैटिंग, लोकेशन के आधार पर जांच
कॉलेज प्रबंधन द्वारा की गई शिकायत, ऑडियो रिकॉर्डिंग, चैटिंग, लोकेशन सहित अन्य एविडेंस के आधार पर पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इसमें साइबर सेल की मदद भी ली जा रही है। लेकिन मुख्य मुद्दा पीड़ित स्टूडेंट्स का है कि वे आगे आएं। दूसरी ओर कॉलेज में इस मामले को लेकर काफी सरगर्मी है और सभी जूनियर डॉक्टर्स पीड़ित स्टूडेंट्स कौन हैं, इसे जानने की कोशिश में लगे हैं। बताया जाता है कि रैगिंग लेने वाले सीनियर स्टूडेंट्स पीजी के नहीं हैं। ये यूजी (एमबीबीएस) के ही सेकंड ईयर, थर्ड ईयर और फोर्थ ईयर के स्टूडेंट्स हो सकते हैं।….Bhaskar

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