मप्र: निशांक के मोबाइल से नहीं हुई टेंपरिंग, पुलिस की जांच लगभग पूरी

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राजधानी के ओरिएंटल कालेज के बीटेक के छात्र निशांक राठौर की मौत के बाद रायसेन पुलिस की एसआइटी ने अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है। जांच के दौरान निशांक की हत्या के कोई साक्ष्य पुलिस को नहीं मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि उसकी मोबाइल चैटिंग, काल रिकार्ड, टीटीनगर से लेकर घटनास्थल तक के सीसीटीवी और घटनास्थल का कई बार नाट्य रूपातंरण किया गया है। सारे तथ्य छात्र की खुदकुशी करने की ओर ही इशारा कर रहे हैं। छात्र के ही मोबाइल से पिता को संदेश भेजा गया।

संदेश को भेजने से पहले करीब 50 से अधिक बार धार्मिक शब्दों को इंटरनेट पर खोजा गया। साइबर रिपोर्ट में स्पष्ट हो गया है कि उसके मोबाइल से किसी प्रकार की टेंपरिंग (तकनीकी छेड़खानी) नहीं की गई है। चैटिंग से एक बात पूरी तरह से साबित हो गई कि वह मानसिक रूप से तनाव में था। चैटिंग में तो एक स्थान पर उसने यह भी लिखा है कि मन करता है कि खुदकुशी कर लूं।

बता दें कि नर्मदापुरम के सिवनी मालवा का रहने वाला निशांक राठौर का शव रविवार शाम रायसेन जिले के बरखेड़ा- मिडघाट के करीब रेल ट्रैक पर मिला था। उसके शव के पास ही उसका मोबाइल पड़ा था और किराये पर ली गई स्कूटी खड़ी थी। शुस्र्आत में इस मामले में जांच रायसेन पुलिस के कर रही थी। मंगलवार को पूरे मामले की जांच का जिम्मेदारी गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के निर्देश के बाद एसआइटी बनाकर की जा रही है। एसआइटी अधिकारियों ने हत्या को सिरे खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि हत्या का कोई साक्ष्य नहीं मिला है।

साइबर की फोरेसिंक जांच रिपोर्ट मिलने से पुख्ता हुए तथ्य-
एसआइटी ने पाया है कि निशांक राठौर के टीटीनगर से लेकर घटनास्थल तक करीब 50 किमी तक स्कूटर चलाया। घटनास्थल पर आइजी ने अपने सामने कई बार नाट्य रूपातंरण कराया। इसमें पाया गया कि मुख्य सड़क से घटना स्थल का रास्ता इतना कठिन है कि किसी को जबरन नहीं ले जाया जा सकता है। घटना होने से पहले के करीब तीन मिनट के सीसीटीवी के फुटेज एसआइटी को मिल गए हैं। इसमें निशांक के अलावा कोई नजर नहीं आ रहा है। उस रेलवे लाइन तक पहुंचने के लिए एक नाले को पार करना पड़ता है। उस नाले से किसी को जबरन ले जाना मुमकिन नहीं है। एसपी और आइजी को ही 10 मिनट से ज्यादा लग गए। जबकि उनकी फिटनेस बेहतर है।

कई सवालों से उठा पर्दा
इस मामले में सबसे अहम निशांक के मोबाइल की फोरेंसिक रिर्पोट ने एसआइटी के कई सवालों से पर्दा उठा दिया। साइबर से मिली रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि निशांक के मोबाइल से कई बार आपत्तिजनक शब्दों को सर्च किया जा रहा था। इस दौरान वह मोबाइल बंद और चालू कर रहा था। एसआइटी ने निशांक की 500 के करीब इंटरनेट मीडिया की चैटिंग को पढ़ा है। इससे यह जानकारी निकलकर आई है कि उसका कुछ दिनों से पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था। वह बेहद तनाव से गुजर रहा था। एक स्थान पर तो उसने यह भी लिखा कि मन करता है कि खुदकुशी कर ली जाए। उसे 23 जुलाई को उसे 45 हजार स्र्पये परिजनों ने दिए और 24 को वह खत्म हो गए। वह लोन एप वालों की ब्लैकमेलिंग से भी परेशान था, संदेश किसने लिखा, यह सभी साक्ष्य खुदकुशी की ओर इशारा कर रहे हैं। हत्या का कोई सबूत नहीं मिला है।

पीएम रिपोर्ट में पाया, निशांक पहले भी कर चुका सुसाइड कोशिश
एम्स अस्पताल में निशांक राठौर का पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि उसके हाथ पर कट के निशान है। वह धारदार हथियार के हैं। उनका सूूक्ष्मता से अध्ययन करने पर पता चलाता है कि वह पहले भी खुदकुशी की कोशिश कर चुका था। उसके पैर और शरीर के धड़ के हिस्से में चोट थी। उससे खुदकुशी होना ही पाया गया है।….naidunia

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