मप्र पंचायत चुनाव 2022: 20 जिलों में कांग्रेस-बीजेपी में कांटे की टक्कर

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मध्य प्रदेश के पंचायत चुनाव परिणाम के आंकड़े सामने आए हैं. इनमें बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस ने भी जोरदार प्रदर्शन किया है. मध्य प्रदेश के 20 जिलों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच जबरदस्त टक्कर बताई जा रही है. जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाने के लिए राजनीतिक दलों को जमकर रस्साकशी करनी पड़ेगी. पिछले विधानसभा चुनाव में ग्रामीण इलाकों की सीटों पर कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में सरकार बनाई थी. कांग्रेस को ग्रामीण इलाकों से ज्यादा सीटें मिली थीं. एक बार फिर जिला पंचायत चुनाव में ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस की गहरी पकड़ दिखाई दे रही है. बीजेपी और कांग्रेस के बीच जिला पंचायत की सीटों पर ज्यादा अंतर नहीं है.

ये हैं 20 जिलों के आंकड़े
आंकड़ों में प्रदेश के 20 जिलों में जहां बीजेपी ने जिला पंचायत सदस्य की 149 सीटें जीती हैं. वहीं, कांग्रेस 140 पर है. इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस बीजेपी को कड़ी टक्कर दे रही है. अगले साल विधान सभा चुनाव होना है. ऐसे में कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही अपने जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाने के लिए पूरी ताकत लगाएंगी.

इन जगहों पर कांग्रेस अव्वल
देवास में 18 सीटों में से 13 पर कांग्रेस, दो पर बीजेपी और दो सीटें अन्य ने जीती हैं. बालाघाट में 27 में से 14 सीटों पर कांग्रेस, सात पर निर्दलीय और छह पर बीजेपी ने जीत हासिल की है. इसी तरह सिंगरौली में 14 में से 11 जिला पंचायत सदस्य कांग्रेस के जीते हैं जबकि बीजेपी के दो और एक निर्दलीय को सफलता मिली है. इसी प्रकार भोपाल में 10 में से सात पर कांग्रेस, दो पर बीजेपी और एक पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है. उज्जैन संभाग के मंदसौर में 17 में से आठ कांग्रेस, सात बीजेपी और एक पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत हासिल की है.

यहां बीजेपी और कांग्रेस बराबर
नीमच में 12 सीटों में से बीजेपी-कांग्रेस को पांच-पांच जीती हैं जबकि दो सीटों पर निर्दलीयों ने कब्जा जमाया है. इसी तरह छिंदवाड़ा में 26 सीटों में से 12-12 पर कांग्रेस और बीजेपी के प्रत्याशी जीते हैं जबकि दो अन्य के खाते में गई हैं. मंडला में भी 16 में से पांच-पांच दोनों राजनीतिक दलों (बीजेपी-कांग्रेस) के प्रत्याशी जीते हैं जबकि छह अन्य के खाते में गई हैं. ग्वालियर में भी बीजेपी और कांग्रेस के बीच टाई हुआ है. यहां 13 में से पांच बीजेपी और पांच कांग्रेस प्रत्याशी जीते हैं, जबकि तीन सीटों पर अन्य ने जीत हासिल की है. यही निर्दलीय उक्त जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष का फैसला करेंगे.

इन जिलों में बीजेपी का अच्छा प्रदर्शन
मध्य प्रदेश के सीहोर में 17 में से 9 सीट बीजेपी ने जीती है जबकि कांग्रेस ने 7 और अन्य ने एक पर जीत हासिल की है. कटनी में 14 में से 12 सीट बीजेपी और दो पर कांग्रेस ने जीत हासिल की. इसी तरह इंदौर में 19 में से 12 बीजेपी और सात सीटें कांग्रेस के खाते में गई हैं. सागर में 28 में से 22 बीजेपी और 6 सीट कांग्रेस को मिली हैं. विदिशा में 19 में से 10 पर बीजेपी और आठ पर कांग्रेस और एक पर निर्दलीय काबिज हुआ है. शाजापुर में 13 में से सात पर बीजेपी और तीन पर कांग्रेस और तीन पर अन्य प्रत्याशी जीते हैं. रतलाम में 16 में से सात पर बीजेपी, तीन पर कांग्रेस और 6 अन्य जीते हैं. यहां पर निर्दलीय ही अध्यक्ष पद का फैसला करेंगे. उज्जैन में 21 सीटों में से 11 पर कांग्रेस ने जीत हासिल की है जबकि चार पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी जीते हैं, वहीं, छह सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं.

क्या कहते हैं कांग्रेस और बीजेपी के नेता
प्रदेश के पूर्व मंत्री और विधायक सज्जन सिंह वर्मा के मुताबिक, अभी जो आंकड़े आए हैं, उससे भी ज्यादा सीटों पर कांग्रेस जीत रही है. विधानसभा चुनाव के पहले ग्रामीण इलाकों से आए आंकड़े सरकार की नाकामी बता रहे हैं. किसानों और बेरोजगारों ने सरकार का हिसाब-किताब कर दिया है. वहीं बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया के मुताबिक, प्रदेश में अधिकांश जगहों पर बीजेपी का ही जिला पंचायत में बोर्ड बनने जा रहा है. बीजेपी को निर्दलीय जीते हुए प्रत्याशियों का पूरा समर्थन मिल रहा है. कांग्रेस के पास अभी दूर-दूर तक कोई जनाधार नहीं है….abplive

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